हिन्दी में कविता
है एक सपना मेरा,
ना जानू मै कि कब ये होगी पूरी।
हो या न हो ,
है विश्वास रखना ज़रूरी।
हर दिन है सूरज नए उमंग लाए,
सभी को मै अपनी आवाज़ सुनाऊ।
मेरी आवाज़ भरोसा दिलवाए,
कि करले कोई अपने किस्मत पर काबू।
अंदर की भावना स्पष्ट करना,
है उपाय एक ही।
अपने से तुम ना डरना,
तो लगेगी पूरी दुनियां सही।
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